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Showing posts from March, 2018

सिलसिला देखिये

खुशबुओं से घुली हैं हवा देखिये, कितनी महकी हुई हैं फ़िज़ा देखिये। मर मिटे कितने लोग इश्क़ में, चल रहा ये हैं सिलसिला देखिये! तारिक़ अज़ीम 'तनहा' 212 212 212 212

उर्दू और हिंदी के रिश्ते को बेहतर समझा कुमार ने

मैं स्वीकार करता हूँ… —कि ग़ज़लों को भूमिका की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए; लेकिन,एक कैफ़ियत इनकी भाषा के बारे में ज़रूरी है. कुछ उर्दू—दाँ दोस्तों ने कुछ उर्दू शब्दों के प्रयो...

तकती 2 आ के स्वर वाले तुकांत

प्रेमिका भूमिका चित्रयवनिका संतानिका व्यवस्थापिका अध्यापिका दीपिका अणुकणिका उपक्रमणिका अनुक्रमणिका वर्णिका टिका वाटिका गुटिका घुटिका चंद्रिका अमेरिका पच्ची...

तकती 1 आ के तुकांत

आ दबा चबा शोरबा मरतबा धब्बा बेधब्बा मुरब्बा डिब्बा पनडुब्बा सुब्बा साहिबा बम्बा खम्बा लम्बा खंबा लंबा तांबा मुंबा तोबा शहाबा कुलाबा डूबा सूबा तजुर्बा कस्बा डुबा अ...

तकती 3 अ के तुकांत

मूंछ पूंछ पोछ गाछ छाछ पाछ पूछपाछ राछ ताछ पूछताछ रीछ पूछ कुछ गृह विनोदगृह राजगृह शयनगृह शिल्पगृह दीपगृह ग्राम्यगृह लतागृह तपस्यागृह बन्दीगृह स्त्रीगृह उलझ समझ बेस...

तकती 3 अ के तुकांत

प्रतिबद्ध सम्बद्ध असम्बद्ध संबद्ध असंबद्ध सीमाबद्ध श्रेणीबद्ध श्रेणीवद्ध गिद्ध समृद्ध वृद्ध वयोवृद्ध सिद्ध स्वयम-सिद्ध असिद्ध लोकसिद्ध बहुश्रमसिद्ध जन्मसिद्...

तकती 2 अ के तुकांत

बेच पेच एचपेच सर्वोच्च उच्च किरमिच गिचपिच स्विच न्च मंच रंगमंच पंच सरपंच बेंच पेंच इंच बैंच चोंच खोंच मोंच खरोंच आंच जांच कांच कुलांच रोमांच पांच खींच नींच पहुंच सं...

अ तुकांत वाले शब्द

अब सबब दब अदब बेअदब मजहब साहब ढब बेढब जब कब तलब जवाबतलब मतलब बेमतलब क्लब जरब सब तब मकतब गायब अजायब नायब जेब फरेब सेब बिब साहिब मुनासिब नामुनासिब बल्ब अवलम्ब विलम्ब दण...

चाक।

मेरी उल्फते-दास्ताँ कागज़ों-लफ्ज़ से पूछ, चाक हैं कागज़ भी, और लफ्ज़ भी हैं चाक ! तारिक़ अज़ीम 'तनहा'

हिंदी दिवस

हिन्दी के ऐतिहासिक अवसर को याद करने के लिये हर साल 14 सितंबर को पूरे देश में हिन्दी दिवस मनाया जाता है। इसको हिन्दी दिवस के रुप में मनाना शुरु हुआ था क्योंकि वर्ष 1949 में 14 सितंबर ...