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आज की ग़ज़ल

ग़ज़ल की प्रचलित बहरें 1. बहरे कामिल मुसम्मन सालिम मुतफ़ाइलुन मुतफ़ाइलुन मुतफ़ाइलुन मुतफ़ाइलुन 11212 11212 11212 11212 ये चमन ही अपना वुजूद है इसे छोड़ने की भी सोच मत नहीं तो बताएँगे कल को क्य...