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Showing posts with the label दर्द शायरी।

जिंदगी को गर बसर......

जिंदगी को गर बसर करना हैं तो खुद पे इक नज़र करना हैं बदल दीजिए निज़ाम ए चमन गर पैदा कोई दीदावर करना है पहले जानने है शऊरे-शायरी फिर खुदको सुख़नवर करना हैं खुशबख्ती यूँ हैं आबाद ...