Skip to main content

Posts

Showing posts with the label #kashmirfiles

कश्मीर फाइल्स | Kashmir Files | Vivek Agnihotri | Anupam Kher

मैंने इतने दिन रेजिस्ट किया कि कश्मीर फाइल्स पर कुछ नही लिखूं । उसकी दो वजहें थीं। पहली तो यह कि यह फ़िल्म मैंने देखी नहीं अभी और दूसरे यह कि कुछ लोग हैं मेरी प्रोफाइल में। उन्हें सिर्फ़ इसलिये रखा है लिस्ट में क्यों कि उनसे एक ख़ास विचारधारा वाले लोग क्या सोच रहे हैं और क्या करने जा रहे हैं उसका अंदाज़ा हो जाता है तो जैसे ही वह हजरात इस मूवी को लेकर एक्टिव मोड में आए तो समझ में अपने आप आ गया कि फ़िल्म चाहे जैसी भी हो असली एजेंडा क्या है। बहरहाल उन लोगो से कुछ कहना नही, कहना उस विशेष विचार  धारा के विरोधियों से हैं। सबसे पहले कश्मीर पलायन के पूरे मुआम्ले की, चाहे वहा एक ही पंडित क्यों ना मारा गया हो, और चाहे सिर्फ़ एक को ही मजबूर होना पड़ा हो किसी भी वजह से अपने घर को छोड़ने पर, मेरी हमदर्दी उस कार्नेज के हर पीड़ित के साथ है। मेरे लिए एक लाश भी उतनी ही तकलीफ़ देने वाली है जितनी हज़ार। मुझे वह तर्क भी लेकर नही आना कि उस वक्त सरकार किसकी थी, या आज तीन सौ सत्तर को हटाने के बाद भी उन्हें क्यों नहीं बसाया गया, इसलिए नहीं कि यह तर्क कमज़ोर हैं बल्कि इसलिए कि इन तर्कों से ना तो उन लोगो को...

Kashmir Files | कश्मीर फाइल्स

कश्मीर फाइल्स पर बनी फिल्म की प्रीमियर देखकर आप रोने लगे। बस्तर के आदिवासियों पर फ़िल्म बनेगी तो आपको चुल्लूभर पानी में डूबकर मरने का मन करेगा! दलितों के हज़ारों साल पुराने ब्राह्मणवादी अत्याचार पर ढंग की फ़िल्म बन जाए तो रोते रोते आपके आँसू सूख जाएंगे। गुजरात दंगे भागलपुर दंगे मुज़फ्फरनगर दंगा मुरादाबाद ईदगाह कांड ऐसी कितनी घटनाएं हैं  लेकिन आपको अपने बच्चों को कश्मीर फ़ाइल इसलिए नही दिखानी है कि आपको कश्मीरी पंडितों से कोई सहानुभूति है। आपको फ़िल्म इस लिए दिखानी है कि नफरत का दायरा और बढ़े याद रखिये ज़ख्म पर मरहम रखा जाता है कुरेदा नही जाता कुरेदने से ज़ख्म रिसने लगता है नुकसान बढ़ जाता है ।पहले से ही बहोत नुकसान हो चुका है तुम तो अपनी ज़िंदगी जी चुके हो अपने बच्चों के दुश्मन न बनो उनको भी अच्छे भविष्य के साथ जीने दो! तारिक़ अज़ीम 'तनहा'