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ईरान: सिर्फ़ एक मुल्क नहीं, बल्कि ‘आज़्म-ओ-इरादा’ की दास्तान — पाबंदियों, जंग और सियासत के दरमियान एक क़ौम का सब्र

इज़राइल ने जंग में हुए नुक़सान की मीडिया कवरेज पर सख़्त पाबंदी आइद कर दी है। कहा जा रहा है कि तेल अवीव, यरूशलेम और पूरे इज़राइल में ईरानी मिसाइलों से होने वाली तबाही की वीडियोग्राफ़ी और तस्वीरें लेने पर सख़्त रोक लगा दी गई है। यहाँ तक कि इन वीडियोज़ और तस्वीरों को इज़राइल से बाहर भेजने पर भी सख़्त क़िस्म की मनाही कर दी गई है। हुकूमत का कहना है कि इससे मुल्क की सिक्योरिटी और फ़ौजी मुक़ामात से जुड़ी मालूमात दुश्मनों तक पहुँच सकती है, इसलिए ऐसी रिपोर्टिंग पर पाबंदी ज़रूरी समझी गई। दूसरी तरफ़ अमरीका और इज़राइल लगातार यह दावा कर रहे हैं कि उनके हमलों से ईरान को बहुत बड़ा नुक़सान पहुँचा है। मगर अगर वाक़ई ईरान इतनी बुरी तरह तबाह हो चुका है तो फिर वह हथियार क्यों नहीं डाल रहा? जो अमरीका जंग के आग़ाज़ में यह कह रहा था कि सिर्फ़ 48 घंटों में ईरान में हुकूमत तब्दील हो सकती है, अब उस जंग को बारह दिन से ज़्यादा गुज़र चुके हैं और हालात अब भी नाज़ुक बने हुए हैं। ईरानी क़ियादत किसी क़िस्म के मुआहिदे या समझौते के लिए तैयार नज़र नहीं आती। कई तजज़ियाकार यह सवाल भी उठा रहे हैं कि कहीं इज़राइ...

जंग, जमीर और विजयी भाव का वहम

क्या जंग सिर्फ मैदान मे दुश्मन को हराकर जीती जाती है.. अगर जंग जीतने का यही पैमाना है तो फिर इस दुनिया मे कमज़ोर को ज़िंदा रहने का कोई हक नहीं। मुझे याद है कि सिक्सथ की उर्दू की किताब मे एक सबक "अब्बू ख़ां की बकरी" के उन्वान से था जिसमे अब्बू ख़ां की तमाम बकरियां रेवड़ के उसूलों को फ़ालो करती थीं सिवाये चांदनी के, और कभी पहाड़ी के उस तरफ़ नहीं जाती थीं जिधर एक भेड़िया रहता था मगर चांदनी एक रात रेवड़ से अलग होकर पहाड़ी के उस तरफ़ गयी और सारी रात उस भेड़िये से लड़कर सुब्ह को हलाक हो गयी। भेड़िये के दांत और पंजे चांदनी से ज़्यादा मज़बूत थे तो आख़िर में चांदनी को मारा जाना था लेकिन क्या चांदनी सिर्फ यूंही मारी गयी कि उसके पास नुकीले दांत और पंजे ना होकर सिर्फ दो सींग थे। नहीं वह इसीलिए मारी गयी क्योकि बकरियो के उस रेवड़ मे उसके अलावा किसी मे भेड़िये से लड़ने का हौसला नहीं था। इस कहानी को सुनिये और एक अपना साइक्लोजिकल टैस्ट कीजिये। अगर आप इस कहानी को पढते हुये भेड़िये के तरफदार हैं तो आप इतने बुज़दिल हैं कि हर हाल मे जीतने वाले की तरफ़ होकर एक जीती हुयी साइड मे होने का साइक्लोजिकल...