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अकबर और राणा प्रताप । Akbar & Maharana Pratap

अक़बर और महाराणा प्रताप इतिहास के महान लोगों में से है। दोनो के महान होने के अपनी अपनी वजह हैं। अपने स्वाभिमान के लिए बड़ी से बड़ी ताक़त के आगे ना झुकना ये ख़ूबी महराणा प्रताप को महान बनाती है।  अक़बर ज़मीन के साथ साथ लोगो के दिल भी जितना जानते थे। उन्होंने अंग्रेजों की तरह सिर्फ ज़मीन पर हुक़ूमत नही की लोगो के दिलो पर हुक़ूमत की है। हर धर्म के लोगो को बराबर सम्मान दिया।  नफ़रती लोग जिस धर्म के आधार पर दोनो की तुलना करते है असल में दोनो ही धर्मनिरपेक्ष थे। अक़बर ने हिंदू सेनापति पर भरोसा जताया तो महाराणा प्रताप ने मुस्लिम सेनापति पर। इन दोनो को को सिर्फ एक लाइन में समझना हो तो, बस यूं समझ लीजिए अक़बर को पूरा हिन्दोस्तान जीतने का जुनून था, तो महराणा प्रताप को किसी के आगे ना झुकने की जिद। Tariq Azeem Tanha

पूर्ण चित्र । चंद्रशेखर आज़ाद । ChandraShekhr Aazad

#पूर्ण_चित्र  चंद्रशेखर आजाद जी को अपनी फोटो खिंचवाने से बड़ी चिढ़ होती थी लिहाज़ा बार - बार उनकी एकाध फोटो ही हमारे आसपास घुमती रहती हैं ।  आइए जानते हैं उस बेहद लोकप्रिय फोटो के बारे में जिसमें आजाद अपने मूंछों पर ताव देते नजर आते हैं ।  काकोड़ी कांड के बाद अंग्रेज हाथ धोकर इस डाके में संलिप्त क्रांतिकारियों के पीछे पड़ गए थे । आजाद के साथियों की गिरफ्तारी का सिलशिला शुरू हो चुका था । चारों तरफ जासूसों का जाल बिछा हुआ था ।  आजाद जासूसों से बचते - बचते किसी तरह झांसी पहुंचे । वहां उन्होंने रूद्रनारायण सिंह " मास्टर जी " के आवास में शरण ली । मास्टर जी का आवास कला - संस्कृति और व्यायाम का केंद्र हुआ करता था । सरकारी जासूसों और नौकरशाहों का भी आना - जाना वहां लगा रहता था । इसलिए आजाद ने वहां रूकना मुनासिब नहीं समझा । लाख मना करने के बावजूद भी वह पास के जंगल में एक छोटे से हनुमान मंदिर के पुजारी बनकर रहने लगे ।  फिर एक दिन आजाद को मास्टर जी अपने आवास पर ले आये । कला - प्रेमी होने के साथ - साथ मास्टरजी फोटोग्राफी भी कर लिया करते थे ।  बहुत देर से मा...