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अज्ञेय, ग़ालिब और यूरोपीय लेखकों का सामजंस्य

'शेखर: एक जीवनी' पढ़ते हुए एक प्रसंग आता है। शेखर अपनी बीमार पड़ोसी शान्ति के बगल में बैठा और जब शान्ति पूछती है कि जब मैं तुम्हें देखती हूँ तो तुम भाग क्यों जाते हो? शेखर चुप रहता है। लेकिन शांति के बार-बार पूछने पर शेखर उससे कहता है कि उसके पास एक तस्वीर है, एक पेंटिंग जो शान्ति के जैसी दिखती है। फिर उठता है और अपने घर से वो तस्वीर लेकर आता है। शान्ति उसे देखती है और कहती है उसके पास भी ये तस्वीर है। ये तस्वीर थी रोज़ेत्ती की 'बिएटा बिएट्रिक्स' (Beata Beatrix) जिसे 'मृत्यु का वैभव' (The Glory of Death) भी कहा जाता है।  इतालवी मूल के अँग्रेज दान्ते गैब्रियाल रोज़ेत्ती (Dante Gabrial Rossetti) ने 1830 में इस चित्र को बनाया था। रोज़ेत्ती यूरोपीय कलाजगत में उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध के एक महत्वपूर्ण चित्रकार और कवि थे। रोज़ेत्ती 'रफ़ाएल पूर्व भ्रातृसंघ' (Pre-Rafaelite Brotherhood) के सदस्य थे। इस संगठन के एक सदस्य इनके भाई विलियम माइकल रोज़ेत्ती (William Michael Rossetti) भी थे जो खुद एक चित्रकार और कवि थे। साथ ही इनकी बहन क्रिश्चियाना (Christiana) और इनकी ब...