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Showing posts with the label तर्जे-कुव्वत

इतराती तो हैं।

अदा, शोखी, नज़ाकत पर वो इतराती तो हैं, हुस्न के जलवो से परीवश नज़र आती तो हैं। कौन इस तर्जे-कुव्वत पर कश्ती पे करे नज़र, कश्ती छोटी हैं मगर तूफान से टकराती तो हैं। तारिक़ अज़ीम तनहा