Skip to main content

Posts

Showing posts from September, 2026

Ek Baar Woh Aankhon Mein Yun Bharkar Mujhe Dekhe | Romantic Urdu Ghazal | Tariq Azeem Tanha

एक बार वो आँखों में यूँ भरकर मुझे देखे, जैसे के मैं क़तरा हूँ समंदर मुझे देखे मैं उसके लिए कौन हूँ, पूछे न ज़माना, सब मेरी ख़मोशी को ही पढ़कर मुझे देखे। वो ओस की तरह मेरी पलकों पे ठहरकर फिर फूल की मानिंद वो छूकर मुझे देखे। क्या ख़ूब हो उस रात का आलम कि वो महबूब, तारों की तरह छत पे ठहरकर मुझे देखे। वो ख़्वाब में आए तो कोई ख़्वाब न टूटे, मैं आँख भी खोलूं तो बराबर मुझे देखे। क्या ख़ूब हो वो रात कि महफ़िल में अचानक, वो सब से छुपे और वो छुपकर मुझे देखे। किस दर्जा है शोले मेरी इस ख़ाक़ ए बदन में,   एक बार सही, पास तो आकर मुझे देखे। मैं रिंद-ए-मोहब्बत हूँ, मुझे ज़ाम न दे वो, बस आँख से आँखों में उतरकर मुझे देखे। मैं ख़ाक सही, ख़ाक में ताबीर-ए-चमन हूँ, वो फ़स्ल-ए-बहारा में उतरकर मुझे देखे। जब शाम ढले, चाँद निकल आए फ़लक पर, वो याद करे मुझको ठहरकर मुझे देखे। दरिया की तरह आँख में रखता हूँ तड़प मैं, वो साहिल-ए-बे-मेहर से बढ़कर मुझे देखे। कुछ राज़ हैं सीने में कि अफ़्शा नहीं होते, वो राज़ मेरी आँखों के पढ़कर मुझे देखे। हर ज़ख़्म को सीने में छुपा रखा है मैंने, वो चाक-ए-जिगर देखे तो छूकर मुझे देखे। ‘...

One Line Famous Sher | Tariq Azem Tanha

    ऐसे बहुत से अशआर हैं, जिनका एक ही मिसरा इतना मशहूर हुआ कि लोग दूसरे मिसरे को तो भूल ही गये। ऐसे ही चन्द मशहूर अशआर यहाँ पेश हैं:   "ऐ सनम वस्ल की तदबीरों से क्या होता है, *वही होता है जो मंज़ूर-ए-ख़ुदा होता है।*"   *- मिर्ज़ा रज़ा बर्क़*   "ऐ 'ज़ौक़' देख दुख़्तर-ए-रज़ को न मुँह लगा, *छूटती नहीं है मुँह से ये काफ़िर लगी हुई।"*   दुख़्तर-ए-रज़ = शराब   *- शेख़ इब्राहीम ज़ौक़*   "भाँप ही लेंगे इशारा सर-ए-महफ़िल जो किया, *ताड़ने वाले क़यामत की नज़र रखते हैं।"*   *- माधव राम जौहर*   "चल साथ कि हसरत दिल-ए-मरहूम से निकले, *आशिक़ का जनाज़ा है, ज़रा धूम से निकले।"*   *- मिर्ज़ा मोहम्मद अली फिदवी*   "दिल के फफूले जल उठे सीने के दाग़ से, *इस घर को आग लग गई,घर के चराग़ से।"*   *- महताब राय ताबां*   "ईद का दिन है, गले आज तो मिल ले ज़ालिम, *रस्म-ए-दुनिया भी है,मौक़ा भी है, दस्तूर भी है।"*   *- क़मर बदायुनी*   "ख़ंजर चले किसी पे, तड़पते हैं हम 'अमीर', *सारे जहा...