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Showing posts with the label जिंदगी

चांदनी का रंग।

काश ऐसा ही होता सबकी जिंदगी का रंग, जितना दिलकश हैं आज रौशनी का रंग! चाँद पुरजोर होके आसमाँ पर निकला, बिखर गया हैं जमाने में चांदनी का रंग!

जिंदगी की तल्खियों पर तारिक़ अज़ीम 'तनहा' का कलाम पढ़े।

सोज़िशे-दयार से निकल जाना चाहता हूँ, हयात से अदल में बदल जाना चाहता हूँ! तन्हाई ए उफ़ुक़ पे मिजगां को साथ लेके, मेहरो-माह के साथ चल जाना चाहता हूँ! आतिशे-ए-गुज़रगाह-ए-चमन से हटकर, खुन...

मेरी जिंदगी के हक़ में ऐसी,....

मेरी जिन्दगी के हक़ में ऐसी सदा ना दे, तू मिले ना मौत भी आये ऐसी दुआ ना दे! मेरी दोस्ती आफताब से हैं मगर डर ये हैं, कहीं इसकी आतिश दामन को जला ना दे! तारिक़ अज़ीम 'तनहा'