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Showing posts from January, 2018

सनम से कलम तक

सनम से कलम तक जुबाँ जो हो गयी हैं बेजुबाँ अपनी, कहे तो क्या कहे हम दास्ताँ अपनी! जब भी कभी सफ़र पे चला था मैं, हर मोड़ पे नए लोगो से मिला था मैं, मैं वो था जो जगमगया महफ़िल में, दोस्त कह...

Paida kahani ki Jaaye.

पैदा कलम से कोई कहानी की जाए, फिर जज़्बातों की तर्जुमानी की जाए! खिलावे हैं खुद भूखे रहकर बच्चों को माँ-बाप के नाम ये जिंदगानी की जाए! ग़म से तो हाल ही में ही बरी हुए हम, मुब्तिला ह...

गाना या गीत कैसे लिखे।

कैसे एक प्यार भरा गाना लिखें हमेशा से ही प्यार भरे, रोमांटिक गाने, अन्य गानो की तुलना में सूची में ऊपर रहे हैं। सामान्यतः हजारो ऐसे गाने है जो "मैं तुमसे प्यार करता हुँ" से शुर...

गिरती इंसानियत

इंसान अब इन्सानियत को खो चूका, करके नापाक हरकते दरिंदा हो चूका! वो लड़की पली थी बड़े ही नाज़ के सामने, घर था खडा हर रिवाज़ के सामने, उसे पाला गया था भले ही प्यार से, खामोश रहती हर आवाज़...

क़याम

ये जो हसरते क़याम करती हैं, मेरी जिंदगी नीलाम करती हैं! तारिक़ अज़ीम 'तनहा'

जनाब अनवर जलालपुरी

अदबी दुनिया का मुनव्वर चला गया, हाय! क्या ग़म के अनवर चला गया! जादुई लहज़ा भी कमाल था उसका, सुख़न का ऐसा मोअतबर चला गया! हरेक लफ्ज़ तेरा ठण्ड भरे हैं दिल में, सरसब्ज़ करता ख़ाकपर चला गय...