Skip to main content

अक्स-ए-रुख़्सार तिरा आब-ए-रवाँ में उतरे,

अक्स-ए-रुख़्सार तिरा आब-ए-रवाँ में उतरे,
चाँद पानी में नहाएगा तो छा जाएगा।

दिल के वीरान शबिस्ताँ में तिरी याद का चाँद,
रौशनी बन के जो आएगा तो छा जाएगा।

दश्त-ए-इम्काँ में बहुत ख़ाक उड़ाई सब ने,
इश्क़ जब ख़ेमे लगाएगा तो छा जाएगा।

सिर्फ़ जीने से कहाँ होती है पहचान कोई,
दर्द को फ़न में जो लाएगा तो छा जाएगा।

ताज वालों को हमेशा यही धोका है कि बस,
ख़ौफ़ से मुल्क चलाएगा तो छा जाएगा।

जाम-ए-जम भी तिरी आँखों का मुक़ाबिल न हुआ,
कोई साक़ी इन्हें पाएगा तो छा जाएगा।

दश्त-ए-ग़ुर्बत में कोई नक़्श-ए-क़दम मिल जाए,
कारवाँ राह पे आएगा तो छा जाएगा।

नर्गिस-ए-शौक़ को दीदार की बारिश दे दे,
फूल हर सिम्त खिलाएगा तो छा जाएगा।

बज़्म-ए-अहबाब में तेरी ही सना होगी कभी,
कोई तेरा ज़िक्र उठाएगा तो छा जाएगा।

तेरी आँखों में जो देखेगा समन्दर का वक़ार,
अपनी हस्ती को भुलाएगा तो छा जाएगा।

बू-ए-गुल, रंग-ए-सहर, नूर-ए-कमर सब हैं मगर,
तू निगाहों में समाएगा तो छा जाएगा।

तेरे रुख़्सार की ताबिन्दगी ऐसी है कि माह,
अपनी किरनों को झुकाएगा तो छा जाएगा।

हुस्न जब पर्दा-ए-रंगीं से निकल कर शब में,
जल्वा-ए-ख़ास दिखाएगा तो छा जाएगा।

'तन्हा' उस शख़्स की तक़दीर बदलनी ही है अब,
तेरा पैग़ाम जो लाएगा तो छा जाएगा।                            तारिक़ अज़ीम तनहा

Comments

  1. Globale Prism News is a digital platform focused on sharing valuable insights, innovative ideas, and informative resources to help individuals and businesses grow in the modern digital world.

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

फिल्मी गानों की तकती बहर पार्ट-1

फ़िल्मी गानों की तकती के कुछ उदाहरण ....           1222 1222 1222 1222                             ( hazaj musamman salim ) (१) -#बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है |       -#किसी पत्थर की मूरत से महोब्बत का इरादा है       -#भरी दुनियां में आके दिल को समझाने कहाँ जाएँ       -#चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों       *ये मेरा प्रेम पत्र पढ़ कर , कि तुम नाराज न होना       -#कभी पलकों में आंसू हैं कभी लब पे शिकायत है |        -#  ख़ुदा भी आस्मां से जब ज़मीं पर देखता होगा        *ज़रा नज़रों से कह दो जी निशाना चूक न जाए |        *मुहब्बत ही न समझे वो जालिम प्यार क्या जाने |        *हजारों ख्वाहिशें इतनी कि हर ख्वाहि...

उर्दू लफ़्ज़ों के हिंदी सरल अर्थ

उर्दू शब्दों के सरल हिन्दी पर्याय अक़्ल = बुद्धि, तर्क, ज्ञान, मति, प्रज्ञा, मस्तिष्क, ग्यान, अकबर = सबसे महान, महानतम, महत्तम, अकसर = अधिकतर, बहुत बार, बहुधा, विशेषकर, प्रायः, लगभग, स...

ग़ज़ल कैसे लिखे, how to write a gazal 2

फ़िल्मी गानों की तकती - :बहर: पार्ट -2 फ़िल्मी गानों की तकती �������������������� (16) *आपके पहलू में आकर रो दिए          *दिल के अरमां आंसुओं में बह गये          *तुम न जाने किस जह...