Skip to main content

Mai Kuch Soch Raha Hu | मैं कुछ सोच रहा हूँ | तारिक़ अज़ीम तनहा

दिल ढूँढता है जाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ

ऐ साक़ी-ए-गुलफ़ाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


क्या कीजिए अब काम, मैं कुछ सोच रहा हूँ

आ पहुँचा तिरा नाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


इस दौर ने इंसान को बाज़ार बनाया

क्या है मेरा अंजाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


गुम है मिरे अहसास का इक शहर-ए-मुसलसल

किस पर रखूँ इल्ज़ाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


मरना भी ज़रूरी है मगर जल्द नहीं है

बाक़ी हैं कई काम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


आने की ख़बर है तो उजालों को बुला लो

ऐ काकुल-ए-गुलफ़ाम मैं कुछ सोच रहा हूँ


किस तरह तेरे नाम से आबाद था आलम

अब कैसी हुई शाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


नक़्शों में नहीं मिलता वो गुमगश्ता-सा आलम

ढूँढूँ किसे हर गाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


तहज़ीब के चेहरे पे उदासी है मुसल्सल

किस ने किया ये काम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


आँखों में तिरी दीद की ताबिन्दा तजल्ली

हाथों में लिए जाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


दिल कहता है फिर आज उसी राह से गुज़रूँ

ऐ हसरत-ए-नाकाम मैं कुछ सोच रहा हूँ


मस्जिद में भी देखा है उसे, दैर में मैंने

क्या उसका है इक नाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


तस्बीह भी, ज़ुन्नार भी, मयख़ाना भी, दरगाह

क्या चीज़ है ये जाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


आँखों ने तिरी आज बग़ावत सी मचा दी

टूटे न कहीं जाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


मैं ख़ाक का ज़र्रा हूँ कि ख़ुर्शीद का हमज़ाद

क्या है मिरा नाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


तस्वीर-ए-रुख़-ए-यार निहाँ दिल में किए हूँ

ले बैठे न इल्ज़ाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


तारीक़ शबों में भी चमक उठता है दिल क्यूँ

किस का है ये इकराम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


नक़्श-ए-कफ़-ए-पा ढूँढ रहा हूँ सर-ए-सहरा

गुम है मिरा इक गाम, मैं कुछ सोच रहा हूँ


तनहा' तिरे अशआर में इक दर्द छुपा है

किस का है ये इनआम, मैं कुछ सोच रहा हूँ

तारिक़ अज़ीम तनहा


SEO Hashtags

#Ghazal #UrduGhazal #HindiGhazal #UrduPoetry #HindiPoetry #Shayari #Rekhta #Adab #Sukhan #AhlESukhan #BazmESukhan #Ishq #Mohabbat #Tafakkur #Fikr #Jam #Saqi #Maykhana #ClassicalGhazal #FarsiRang #GhazalLovers #PoetryCommunity #PoetryOfInstagram #UrduAdab #TariqAzeemTanha #तारिक़अज़ीमतनहा #ग़ज़ल #उर्दूशायरी #शायरी #अदब


Comments

Popular posts from this blog

फिल्मी गानों की तकती बहर पार्ट-1

फ़िल्मी गानों की तकती के कुछ उदाहरण ....           1222 1222 1222 1222                             ( hazaj musamman salim ) (१) -#बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है |       -#किसी पत्थर की मूरत से महोब्बत का इरादा है       -#भरी दुनियां में आके दिल को समझाने कहाँ जाएँ       -#चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों       *ये मेरा प्रेम पत्र पढ़ कर , कि तुम नाराज न होना       -#कभी पलकों में आंसू हैं कभी लब पे शिकायत है |        -#  ख़ुदा भी आस्मां से जब ज़मीं पर देखता होगा        *ज़रा नज़रों से कह दो जी निशाना चूक न जाए |        *मुहब्बत ही न समझे वो जालिम प्यार क्या जाने |        *हजारों ख्वाहिशें इतनी कि हर ख्वाहि...

ग़ज़ल कैसे लिखे, how to write a gazal 2

फ़िल्मी गानों की तकती - :बहर: पार्ट -2 फ़िल्मी गानों की तकती �������������������� (16) *आपके पहलू में आकर रो दिए          *दिल के अरमां आंसुओं में बह गये          *तुम न जाने किस जह...

उर्दू लफ़्ज़ों के हिंदी सरल अर्थ

उर्दू शब्दों के सरल हिन्दी पर्याय अक़्ल = बुद्धि, तर्क, ज्ञान, मति, प्रज्ञा, मस्तिष्क, ग्यान, अकबर = सबसे महान, महानतम, महत्तम, अकसर = अधिकतर, बहुत बार, बहुधा, विशेषकर, प्रायः, लगभग, स...