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इन्साफ कब होगा।

बादशाह ओ औलिया को ढूंढता हूँ मैं, हकपरस्त ए हुक़ुमरां को ढूंढता हूँ  मैं! दयारे-नसीम-ऐ-कानून हर सू चले, ऐसी  ही चमन ए फ़िज़ा ढूंढता हूँ मैं! वकारे-सू-ए-दारे-अहले-सिपाही, औरंगज़ेब  अ...

हुक़ूमत तेरे पाँव में ज़ंज़ीर हम डाल कर के रहेंगे।

क़ुरआन, इस्लाम, हदीस तो आसमानी हैं, तिरी हुक़ूमत तो बस पांच दिन की कहानी हैं! मिटा भी सकते हैं तिरी हुक़ूमत को हम सब, अगर हम ये सोच ले की हुक़ूमत मिटानी हैं! फ़ाक़ा करके भी रहे हैं जिन्द...

चंद अश्आर

(1) मैदाने-हश्र को भूल गए हम मसरूफ होकर, इस जिंदगी को ऐसे मसरूफ़ होकर ना गुज़ारो! (2) अब अपने कदमो पे भी यकीन ना रहा मुझे, उतरा हूँ आज सीढ़ियों से तो दीवार का सहारा लेकर! (3) मिरी दास्ताने-म...

طارق عظیم تنہا . mohd tariq azeem biography

फरवरी 10, 1996 को पैदा हुए मौ. तारिक़ अज़ीम गौर को आज तारिक़ अज़ीम 'तनहा' के नाम भी जाना जाता हैं। इनका जन्म गांव बन्हेड़ा टांडा जो की रुड़की के अत्यंत समीप हैं वहां हुआ। इनके पिता एक संघर्ष...