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आज की रात क्यों बताई जा रही है ‘कयामत की रात’?

अभी तक ईरान ने बहरीन,यूएई,जॉर्डन सहित तीन अमेरिकी बेस के वायुरक्षा प्रणाली अर्थात "Thad" उड़ा दिए जिसको स्थापित करने में 4 दशक व अरबों डॉलर लगे है।

ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है।ईरानी हमलों में इजरायल का तेल-अवीव शहर खंडहर में तब्दील हो चुका है।

अब तक चले युद्ध मे अमेरिका व इजरायल को ईरान के मुकाबले भारी नुकसान हुआ है।अमेरिका व इजरायल ईरान में नागरिक ठिकानों पर नुकसान कर पा रहे है लेकिन ईरानी मिसाइल सिस्टम व ड्रोन स्टोरेज पर हमला नहीं कर पा रहे है।

दरअसल ईरान को पता था कि अमेरिका-इजरायल हमला जरूर करेंगे इसलिए 3 दशक से उसी अनुरूप तैयारी कर रहा था।सारा मिसाइल सिस्टम अंडरग्राउंड, सारा ड्रोन सिस्टम अंडरग्राउंड बनाया हुआ है जिसकी जानकारी सिर्फ ईरान के सैन्य कमांडर्स को है।

ईरान ने जमीन पर जगह-जगह 3D पेंटिंग द्वारा एयरक्राफ्ट स्टेशन, रनवे, युद्धक जहाज इस तरह बनाये है कि एकबारगी नजदीक से देखने पर वास्तविक लगते है।इस तरह की टैक्टिक सामने वाले का युद्धक साजो-सामान बर्बाद करने के लिए बनाए गए है।


जगह-जगह बैलून टैंक, फाइटर जहाज, मिसाइल्स व लॉन्चिंग पैड भी बनाये है और अमेरिका-इजरायल लगातार उन पर हमला करके अपने बम-बारूद खराब कर रहे है।

मैंने पहले भी बताया था कि 3 लाख के ड्रोन को गिराने के लिए अमेरिका-इजरायल 30 करोड़ डॉलर खर्च कर रहे है।अमेरिका को उम्मीद थी कि ईरान 24 घंटे में समर्पण कर देगा लेकिन इतना खर्च करने के बावजूद ईरान सामने दहाड़ रहा है क्योंकि ईरान ने इनके बम-बारूद खुड्डे लगवा दिया है।

असली हमले में अमेरिका के कुछ हाथ नहीं लगा है।मनोवैज्ञानिक युद्ध मे भी ईरान का मनोबल नहीं तोड़ पाए है,मोसाद व सीआईए ईरान में बगावत नहीं करवा पाए व खाड़ी देशों को भी ईरान के खिलाफ खड़ा नहीं कर पाए है।

सात दिन की खाड़ी देशों को भड़काने की टैक्टिक को ईरान ने एक बयान द्वारा ध्वस्त कर दी है कि जिस खाड़ी देश के अमेरिकी बेस से हमला होगा उसी देश को जवाब दिया जाएगा बाकी ईरान किसी देश पर हमला नहीं करेगा।

कुल मिलाकर कुछ कुर्दों को भड़काने में सीआईए कामयाब होती दिख रही है लेकिन उससे ज्यादा तो इराक व लेबनान के आतंकी गुटों को ईरान पहले ही काम पर लगा चुका है।

अमेरिका का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट केरियर जहाज "अब्राहम लिंकन" 3 दिन से पर्दे से गायब है और अमेरिका व इजरायल आज रात ईरान पर बड़ा हमला करने जा रहे है।अब्राहम लिंकन अगर वास्तव में ईरान ने डुबो दिया व आज रात के हमले में कामयाबी नहीं मिली तो अमेरिका की करारी हार होगी।इजरायल हो सकता है परमाणु बम की तरफ बढ़ जाएं क्योंकि अस्तित्व खतरे में पड़ जायेगा।

कुल-मिलाकर ईरान के सैन्य कमांडर्स में से किसी की गद्दारी पर अमेरिका व इजरायल निर्भर हो गए है।इजरायल दावा कर रहा है कि एक ईरानी कमांडर्स उनके पास सुरक्षित पहुंच गया है।अगर ऐसा हुआ तो वो ईरानी गुप्त अड्डे बता देगा और सटीक हमलों द्वारा मिसाइल्स व ड्रोन्स के स्टोरेज व लॉन्चिंग सिस्टम को ध्वस्त किया जा सकता है।

आज की रात कयामत की रात है।अमेरिका कामयाब नहीं हुआ तो कल दुनियाभर का जीपीएस गड़बड़ा सकता है।ईरान की मिसाइल्स व ड्रोन्स का निशाना रोकने के लिए लोकेशन एक्सेस रोकने का जुगाड़ अमेरिका को करना पड़ेगा।

अभी तक तो पेंटिंग व ऐसे गुब्बारे ही उड़ाए है!✌️

तारिक़ अज़ीम तनहा

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