Skip to main content

समुंदरी जंग का नया उस्लूब: जब अज़ीम जंगी जहाज़ भी “फ़ासिला” इख़्तियार करें

मशरिक़-ए-वुस्ता (Middle East) की फ़िज़ा में इस वक़्त जो हलचल है, वह सिर्फ़ मिसाइलों और ड्रोन तक महदूद नहीं रही, बल्कि समुंदरी जंग (Naval Warfare) की पूरी ताबीर (Definition) को बदलती हुई नज़र आ रही है। हालिया दिनों में एक ऐसा मंजर सामने आया है जिसने दुनिया की सबसे ताक़तवर बहरी क़ुव्वत (Naval Power) को भी अपने क़दम पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया।

अमेरिका के दो अहम जंगी जहाज़ USS Abraham Lincoln (CVN-72) और USS Gerald R. Ford (CVN-78)—अब दुश्मन के तट के क़रीब रहने के बजाय गहरे समुंदर में “स्टैंड-ऑफ” पोज़िशन (Stand-off Zone – सुरक्षित दूरी) इख़्तियार कर चुके हैं। यह महज़ एक मामूली तैनाती का बदलाव नहीं, बल्कि एक गहरी सामरिक तब्दीली (Strategic Shift) की निशानी है।
कुछ अरसा पहले तक यही जहाज़ दुश्मन के तट से महज़ कुछ सौ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद थे। मगर अब यह फ़ासिला बढ़कर हज़ार किलोमीटर से भी ज़्यादा हो चुका है। सवाल यह है कि दुनिया की सबसे महंगी और ताक़तवर जंगी मशीनें अचानक दूरी क्यों बनाने लगीं? जवाब छुपा है जंग के बदलते मिज़ाज (Nature of Warfare) में।

आज की जंग सिर्फ़ बड़े जहाज़ों और भारी हथियारों की नहीं रही। अब छोटे, सस्ते मगर बेहद असरदार ड्रोन (Drones) और तटीय मिसाइल सिस्टम (Coastal Missile Systems) ने उस तवाज़ुन (Balance) को बदल दिया है, जहाँ कभी सिर्फ़ बड़े बेड़े (Fleet) का दबदबा हुआ करता था। अरबों डॉलर के एयरक्राफ्ट कैरियर अब लाखों डॉलर के हथियारों के सामने असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।

इसी लिए अब नई हिकमत-ए-अमली (Strategy) यह है कि सीधे टकराव से बचते हुए दूर से हमला किया जाए। हवा में ईंधन भरने वाले जहाज़ों (Aerial Refueling Systems) के ज़रिये फाइटर जेट्स को लंबी दूरी तक ऑपरेट कराया जा सकता है, जिससे जंगी ताक़त बरक़रार रहती है मगर जोखिम कम हो जाता है।

मगर इस पूरी सूरत-ए-हाल का सबसे अहम मरकज़ (Center) अब भी वही है Strait of Hormuz। यह वह जगह है जहाँ से दुनिया की मआशियात (Economy) की रगों में दौड़ने वाला तेल गुजरता है। हैरत की बात यह है कि समुंदर पर इतनी बड़ी फौजी मौजूदगी के बावजूद यह रास्ता मुकम्मल तौर पर महफूज़ नहीं बन पाया।

ज़मीन पर मौजूद मिसाइल बैटरियाँ (Missile Batteries) और ड्रोन सिस्टम इस बात का सबूत हैं कि सिर्फ़ समुंदरी क़ब्ज़ा (Sea Control) ही अब जहाज़ों की हिफ़ाज़त की गारंटी नहीं रहा। यानी जंग अब एक ही मैदान में नहीं लड़ी जा रही यह ज़मीन, हवा और समुंदर तीनों में एक साथ चल रही है।

तो क्या इसका मतलब यह है कि अमेरिका अपना बहरी दारो मदार (Naval Dominance) खो रहा है?
हक़ीक़त इससे थोड़ी ज़्यादा पेचीदा है।
अमेरिका के पास आज भी दुनिया की सबसे क़ातिल (Lethal) और मुंतज़िम (Organized) नौसेना मौजूद है। मगर “बरतरी या दारोमदार” (Dominance) की तशरीह (Definition) बदल चुकी है। पहले वर्चस्व का मतलब था कहीं भी जाओ, बिना रोक-टोक के ऑपरेशन करो। मगर अब इसका मतलब है कम से कम जोखिम में रहते हुए, दूर से भी वही असर पैदा करना।

यानी ताक़त कम नहीं हुई, बल्कि उसका इस्तेमाल करने का तरीक़ा बदल गया है। आज का दौर यह सिखा रहा है कि जंग में जीत सिर्फ़ ताक़त से नहीं, बल्कि हिकमत-ए-अमली से होती है। और जब दुनिया की सबसे बड़ी ताक़त भी अपने सबसे अहम हथियारों को बचाने के लिए फ़ासला इख़्तियार करती है, तो यह इशारा होता है कि खेल के क़ायदे (Rules of the Game) बदल चुके हैं। समुंदर अब भी वही है, जहाज़ भी वही हैं मगर जंग अब पहले जैसी नहीं रही।

तारिक़ अज़ीम तनहा

Keywords:
US aircraft carrier strategy
Middle East naval tension analysis
Iran missile threat vs US Navy
Stand-off naval warfare strategy
Modern naval warfare evolution
Strait of Hormuz military situation
Drone warfare vs aircraft carriers
US Navy dominance challenge
Geopolitics Middle East conflict
Naval power shift global analysis

Comments

Popular posts from this blog

फिल्मी गानों की तकती बहर पार्ट-1

फ़िल्मी गानों की तकती के कुछ उदाहरण ....           1222 1222 1222 1222                             ( hazaj musamman salim ) (१) -#बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है |       -#किसी पत्थर की मूरत से महोब्बत का इरादा है       -#भरी दुनियां में आके दिल को समझाने कहाँ जाएँ       -#चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों       *ये मेरा प्रेम पत्र पढ़ कर , कि तुम नाराज न होना       -#कभी पलकों में आंसू हैं कभी लब पे शिकायत है |        -#  ख़ुदा भी आस्मां से जब ज़मीं पर देखता होगा        *ज़रा नज़रों से कह दो जी निशाना चूक न जाए |        *मुहब्बत ही न समझे वो जालिम प्यार क्या जाने |        *हजारों ख्वाहिशें इतनी कि हर ख्वाहि...

ग़ज़ल कैसे लिखे, how to write a gazal 2

फ़िल्मी गानों की तकती - :बहर: पार्ट -2 फ़िल्मी गानों की तकती �������������������� (16) *आपके पहलू में आकर रो दिए          *दिल के अरमां आंसुओं में बह गये          *तुम न जाने किस जह...